अंडा दान एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक महिला दूसरी महिला को गर्भधारण में मदद के लिए उसे अपने अंडे दान करती है। इस प्रक्रिया को आईवीएफ IVF के जरिए पूरा किया जाता है जिसमें अंडों को लैब में निषेचित किया जाता है। इसकी मदद से 18 से 54 साल की उम्र की महिलाएं माँ बन पाती हैं। यह एक बहुत ही संवेदनशील प्रक्रिया है जिसमें दोनों पक्षों की महिलाओं की आपसी सहमति आवश्यक है। केवल वही महिलाएं इस प्रक्रिया से गुजर सकती हैं जो शारीरिक रूप से इसके लिए तैयार हों।
Can tuberculosis affect female fertility? Well, the answer to this is YES!! Tuberculosis has the efficiency of severely damaging the fallopian tubes. It can be more serious if left untreated…
बांझपन यानि इनफर्टिलिटी (Infertility) कई दंपतियों के जीवन की एक बड़ी समस्या है जिसके कारण वह माता-पिता बनने की खुशी पाने में असमर्थ हैं। आज के समय में जब यह बांझपन की समस्या आम हो गई तो इसके बारे में बातचीत करना बहुत महत्वपूर्ण है। इस विषय पर बातचीत करने का मकसद इस समस्या से जूझ रहे लोगों को उनकी परेशानी के हल से अवगत कराना है।
मानव शरीर कई तरह के हार्मोन्स (hormones in human body) के संतुलन पर काम करता है। ये हार्मोन हमारे विकास, सेहत और जीवन की हर गतिविधि को प्रभावित करते हैं।…
देश में इनफर्टिलिटी के आंकड़े एवं निसंतान दंपतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इनफर्टिलिटी की समस्या को झेल रहे लोगों के लिए (IVF technique) आईवीएफ प्रक्रिया का विकल्प काफी…
पीसीओडी का मतलब होता है पॉलीसिस्टिक ओवरियन डिसीज़। polycystic ovarian disease यह समस्या महिलाओं के अंदर आम तौर पर हार्मोन के असंतुलन की वजह से होती है। इस समस्या में महिला के अंदर एंड्रोजन (मेल हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है और ओवरी पर सिस्ट बनना शुरू हो जाती है। आमतौर पर मनुष्य में शरीर की सारी प्रक्रियाओं के सही से काम करने के लिए मेल और फ़ीमेल दोनों हार्मोन्स की जरूरत होती है। लेकिन पीसीओडी से पीड़ित महिला में पुरुष के हार्मोन की मात्रा सामान्य से कहीं ज्यादा बढ़ जाती है। जिसकी वजह से अंडाशय में दिक्कतें होने लगती हैं और इसके साथ ही अनियमित पीरियड्स की परेशानी भी हो सकती है।
What is a healthy diet to improve fertility? एक खुशहाल और बेहतर जीवन का आधार है अच्छा स्वास्थ्य। अच्छा स्वास्थ्य आपके जीवनयापन के लिए बेहद आवश्यक है। आपके रोज़मर्रा के…
गर्भावस्था के दौरान थायरॉयड की समस्या एक आम लेकिन गंभीर चिंता का विषय है। बहुत सी महिलाओं को यह नहीं पता होता कि थायरॉयड हार्मोन का असंतुलन — चाहे वह हाइपोथायरायडिज्म हो या हाइपरथायरायडिज्म — माँ और बच्चे दोनों की सेहत पर गहरा असर डाल सकता है। अगर समय पर इसकी पहचान और इलाज न हो, तो यह बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास में बाधा बन सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि थायरॉयड गर्भावस्था में बच्चे को कैसे प्रभावित करता है, इसके लक्षण क्या हैं, और इससे बचाव के लिए क्या किया जा सकता है।
Facts reveal that 1 in 1000 to 1 in 1100 live births reflect Down Syndrome As per a survey, approximately 3000 to 5000 childern are born with Down Syndrome each year…
महिलाओं के लिए मां बनना जीवन का सबसे बड़ा सुख माना जाता है। लेकिन आज उनके लिए यह सुख प्राप्त करना इतना आसान नहीं रह गया है। आधुनिक जीवन शैली और कई दूसरे कारणों की वजह से उनके अंदर बांझपन या इनफर्टिलिटी की समस्या काफी हद तक बढ़ रही है। बांझपन एक ऐसी स्थिति है जिसमें महिला 12 महीने तक मां बनने का प्रयास करने के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पाती है।
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