Overview: PID or Pelvic Inflammatory Disease is a condition that leads to inflammation in the upper genital tract due to infection. The infection usually impacts the fallopian tubes, uterus, and ovaries. PID…
बांझपन यानि इनफर्टिलिटी (Infertility) कई दंपतियों के जीवन की एक बड़ी समस्या है जिसके कारण वह माता-पिता बनने की खुशी पाने में असमर्थ हैं। आज के समय में जब यह बांझपन की समस्या आम हो गई तो इसके बारे में बातचीत करना बहुत महत्वपूर्ण है। इस विषय पर बातचीत करने का मकसद इस समस्या से जूझ रहे लोगों को उनकी परेशानी के हल से अवगत कराना है।
देश में इनफर्टिलिटी के आंकड़े एवं निसंतान दंपतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इनफर्टिलिटी की समस्या को झेल रहे लोगों के लिए (IVF technique) आईवीएफ प्रक्रिया का विकल्प काफी…
पीसीओडी का मतलब होता है पॉलीसिस्टिक ओवरियन डिसीज़। polycystic ovarian disease यह समस्या महिलाओं के अंदर आम तौर पर हार्मोन के असंतुलन की वजह से होती है। इस समस्या में महिला के अंदर एंड्रोजन (मेल हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है और ओवरी पर सिस्ट बनना शुरू हो जाती है। आमतौर पर मनुष्य में शरीर की सारी प्रक्रियाओं के सही से काम करने के लिए मेल और फ़ीमेल दोनों हार्मोन्स की जरूरत होती है। लेकिन पीसीओडी से पीड़ित महिला में पुरुष के हार्मोन की मात्रा सामान्य से कहीं ज्यादा बढ़ जाती है। जिसकी वजह से अंडाशय में दिक्कतें होने लगती हैं और इसके साथ ही अनियमित पीरियड्स की परेशानी भी हो सकती है।
गर्भावस्था के दौरान थायरॉयड की समस्या एक आम लेकिन गंभीर चिंता का विषय है। बहुत सी महिलाओं को यह नहीं पता होता कि थायरॉयड हार्मोन का असंतुलन — चाहे वह हाइपोथायरायडिज्म हो या हाइपरथायरायडिज्म — माँ और बच्चे दोनों की सेहत पर गहरा असर डाल सकता है। अगर समय पर इसकी पहचान और इलाज न हो, तो यह बच्चे के मानसिक और शारीरिक विकास में बाधा बन सकता है। इस लेख में हम जानेंगे कि थायरॉयड गर्भावस्था में बच्चे को कैसे प्रभावित करता है, इसके लक्षण क्या हैं, और इससे बचाव के लिए क्या किया जा सकता है।
दालचीनी न केवल महिलाओं में बल्कि पुरुषों के लिए भी फायदेमंद होती है। इसलिए विशेषज्ञ दालचीनी को कई अलग-अलग तरीकों से महिलाओं और पुरुषों को लेने की सलाह देते हैं। आइए अब जानने की कोशिश करते हैं कि दालचीनी किस तरह से प्रजनन क्षमता पर सकारात्मक प्रभाव डालती है|
आईवीएफ़ यानी कि इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (In Vitro Fertilization) एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जिसकी मदद से बांझपन (infertility) की परेशानी से जूझ रहे दंपति को माता-पिता बनने का अवसर मिलता है। पिछले कई सालों में ऐसे दंपतियों के उपचार में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। इस तकनीक का सक्सेस रेट काफी ज्यादा है जिसकी वजह से इस समस्या से जूझ रहे अधिकतर लोग इसकी ओर रुख करते हैं। विकसित देशों के अलावा विकासशील देशों में भी यह तकनीक लोगों की पहली पसंद बन चुकी है जिसमें भारत देश का नाम भी शामिल है। आमतौर पर आईवीएफ के उपयोग से सकारात्मक परिणाम ही मिलते हैं लेकिन कभी-कभी लोगों के हाथ निराशा ही आती है।
आईवीएफ़ का अर्थ है इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (In vitro fertilization), यह गर्भधारण करने की एक कृत्रिम प्रक्रिया है। यह तकनीक उन दंपतियों के लिए वरदान साबित हुई है जो किसी कारणवश संतान पाने में असमर्थ हैं। इस तकनीक से जन्मे बच्चों को टेस्ट ट्यूब बेबी (Test Tube Baby) कहा जाता है। आज के आधुनिक युग में तो इस तकनीक की मांग लगातार बढ़ रही है।
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