शुक्राणु दान: एक सिंहावलोकन

शुक्राणु दान एक सिंहावलोकन, Sperm Donation, sperm donor

Sperm Donation: An Overview

शुक्राणु यानि कि स्पर्म पुरुषों के सीमन में मौजूद होते हैं जो एक महिला के गर्भवती होने के लिए जरूरी होते हैं। यह महिला के अंडे को फर्टिलाइज़ करके, एक बच्चे के जन्म में अहम भूमिका निभाते हैं। माँ के गर्भ में बच्चे का लिंग भी इन्हीं शुक्राणुओं से निर्धारित होता है।

पुरुषों के टेस्टिकल में शुक्राणुओं का निर्माण होता है। सीमन के सैंपल में शुक्राणुओं की संख्या 40 मिलियन से 300 मिलियन के बीच में शुक्राणु प्रति मिलीलीटर होना जरूरी है। शुक्राणुओं के दो प्रकार होते हैं सक्रिय शुक्राणु और असक्रिय शुक्राणु। 

सक्रिय शुक्राणु (Active sperm):

अच्छे शुक्राणुओं को सक्रिय शुक्राणु कहा जाता है इनमें तीन चीजें शामिल होती हैं:

  • संख्या
  • गति
  • आकार

शुक्राणु की संख्या (sperm count)– विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक एक वीर्य के सैंपल में प्रति मिलीलीटर में 15 मिलियन से कम शुक्राणुओं की संख्या उसके पिता बनने की प्रक्रिया में समस्या पैदा कर सकती है।

शुक्राणु की गति (sperm movement)  – विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक सीमिन के नमूने में सक्रिय शुक्राणुओं की संख्या 40% होनी चाहिए। शुक्राणु की गति 25μm/s होनी जरूरी है।

शुक्राणु का आकार (size of sperm) – शुक्राणु का आकार सिर, गर्दन और पूँछ में बटा होता है। शुक्राणु का सिर हमेशा अंडे के आकार जैसा होना चाहिए। इसके एक भाग में क्रोमोसोम मौजूद होता है। शुक्राणु के बीच के हिस्से को गर्दन भी कहा जा सकता है। यह तीनों भागों में से सबसे ताकतवर भाग होता है इसमें मौजूद माइटोकांड्रिया इसे तैरने में मदद करता है। शुक्राणु का तीसरा भाग होता है पूँछ जिसमें प्रोटीन मौजूद होता है।

असक्रिय शुक्राणु (Inactive sperm):

असक्रिय शुक्राणु वह शुक्राणु होते हैं जो बेकार होते हैं। इनका आकार बिगड़ा हुआ होता है जैसे कि बड़े सिर, पतली या मुड़ी हुई गर्दन, छोटे सिर, दो सिर या दो पूँछ।

शुक्राणु दान (Sperm Donation) 

शुक्राणु दान या स्पर्म डोनेशन वो प्रक्रिया है जिसमें एक पुरुष अपने शुक्राणुओं को दान करता है। दान किए गए शुक्राणुओं का इस्तेमाल करके एक महिला बिना पुरुष साथी के गर्भधारण कर सकती है या ऐसे विवाहित जोड़े जिन्हें संतान प्राप्ति में समस्या आ रही है, वे भी इन शुक्राणुओं का इस्तेमाल करके माता-पिता बन सकते हैं। 

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कौन कर सकता है शुक्राणु दान (Who can donate sperm)

आज की बदलती जीवन शैली के कारण कई बार विवाहित जोड़े माता-पिता बनने के अपने सपने में कई समस्याओं का सामना करते हैं। लेकिन आज की उन्नत तकनीक के दम पर उन समस्याओं का समाधान काफी हद तक मुमकिन है। ऐसे दंपतियों के लिए आईवीएफ एक तरह का वरदान है। आईवीएफ़ के ज़रिये कई तरीकों का इस्तेमाल करके संतानहीन दंपतियों को माता-पिता बनने का सुख मिला है। ऐसा ही एक तरीका है शुक्राणु दान कर्ता के शुक्राणुओं का इस्तेमाल करके गर्भधारण की प्रक्रिया को पूरा करना। इस प्रक्रिया में एक पुरुष अपने शुक्राणु दान करता है जिनका इस्तेमाल करके विशेषज्ञ आईवीएफ तकनीक के जरिए इन्हें एक महिला के जननांग में इंप्लांट करते हैं।

ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि शुक्राणु दान करने वाले पुरुष को ऐसा करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए या शुक्राणु दान करने के लिए एक पुरुष को कौन सी जानकारी होना आवश्यक है।

शुक्राणु दान करते समय पुरुष को निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. अपने स्वास्थ्य की जांच करवाना (getting your health checked) – किसी भी शुक्राणु दान करने वाले पुरुष के लिए यह जरूरी है कि वह ऐसा करने का फैसला लेने से पहले अपनी स्वास्थ्य की स्थिति की जांच करें। ऐसा करने से पहले कुछ परीक्षणों को पूरा करने की सलाह दी जाती है ताकि इस प्रक्रिया को आगे ले जाने वाले डॉक्टर सुनिश्चित कर सकें कि शुक्राणु दान करने वाला पुरुष पूरी तरह से स्वस्थ है और उसके शुक्राणु से प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कोई समस्या नहीं होगी।
  2. मानसिक रूप से तैयार करना (mentally prepare ) – किसी भी शुक्राणु दान करने वाले पुरुष के लिए यह आवश्यक है कि वह खुद को शारीरिक रूप से तैयार करने के साथ-साथ मानसिक रूप से भी तैयार करें। एक शुक्राणु दानकर्ता को ऐसा करने से पहले कुछ बातों के बारे में अच्छे से विचार कर लेना चाहिए जैसे कि- 
  • क्या वह अपने इस फैसले के बारे में अपने परिवार से बातचीत करना चाहते हैं या नहीं,
  • अपनी पहचान बताना चाहते हैं या नहीं
  • क्या वह एक से ज्यादा बच्चों के बायोलॉजिकल पिता बनने के लिए मानसिक रूप से तैयार है या नहीं

एक शुक्राणु दानकर्ता को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि वह इन बच्चों से शायद कभी ना मिल पाए, ऐसे में उन्हें खुद को मानसिक रूप से तैयार करने की बहुत जरूरत होती है। 

कहां करें शुक्राणु दान? (Where to donate sperm?)

शुक्राणु दान Sperm Donation करने वाला पुरुष किसी भी स्थानीय स्पर्म बैंक में जाकर अपने शुक्राणु दान कर सकता है लेकिन इससे पहले उन्हें कुछ निर्धारित मानकों को पूरा करना होता है जैसे कि स्वास्थ्य ऊंचाई और वजन। सभी मानकों को पूरा करने वाले पुरुष स्पर्म बैंक में जाकर एक कंटेनर में अपना सीमन निकाल कर दे सकते हैं।

शुक्राणु दान करने वाले पुरुष को इसके लिए पैसे दिए जाते हैं। यह पैसे कितने होंगे यह आपका स्पर्म बैंक ही निर्धारित करता है और यह कीमत आपके शुक्राणु प्राप्त करने वाले व्यक्ति से लेकर आपको दी जाती है।

भारत में शुक्राणु दान करने से जुड़े नियम (Sperm donation rules in India)

भारत में शुक्राणु दान करने की प्रक्रिया से जुड़े कुछ नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना बहुत जरूरी है। सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी विधेयक, 2016 के मुताबिक शुक्राणु दान करने वाला व्यक्ति केवल एक बार ही शुक्राणु दान कर सकता है और ऐसा करने के लिए यह जरूरी है कि उस पुरुष ने एक पंजीकृत स्पर्म बैंक में ही अपना शुक्राणु जमा किया हो। इस नियम के अंतर्गत यह भी निश्चित किया गया है कि शुक्राणु दान करने वाले व्यक्ति की पहचान को गुप्त रखा जाए। इसकी सूचना शुक्राणु प्राप्त करने वाले व्यक्ति को भी ना दी जाए।

किसी भी व्यक्ति को शुक्राणु दान करने का फैसला लेने से लेकर उस प्रक्रिया को पूरा करने तक कई परीक्षाओं से गुजरना होता है। एक शुक्राणु दानकर्ता का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का बेहतर स्थिति में होना बेहद जरूरी है। इसके बाद ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाना कारगर रहता है। अगर आप भी शुक्राणु दान करने पर विचार कर रहे हैं तो यह जरूरी है कि आप एक विश्वसनीय आईवीएफ़ सेंटर IVF Centre से संपर्क करें। आपके इस फैसले में क्रिस्टा आईवीएफ आपकी मदद के लिए मौजूद है। क्रिस्टा आईवीएफ इस क्षेत्र में एक बेहतर विकल्प है जहां उन्नत तकनीक मौजूद है। यहां आपको आपके फैसले से जुड़े हर पहलू पर खुलकर समझाया जाता है और आपसे बात की जाती हैं ताकि आपके मन में कोई शंका ना रहे और आप इस प्रक्रिया को पूरा कर पाए।