TVS Test in Hindi: ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड प्रक्रिया, फायदे, कीमत और उपयोग
Dr. Nidhi Sehrawet is a Senior IVF specialist in Delhi with over 19+ years of experience helping couples overcome infertility and realize their dream of parenthood. Her expertise lies in performing advanced reproductive treatments such as IVF , IUI , and ICSI , as well as diagnostic procedures. Currently, she is working as a Senior IVF specialist with the expert panel of the Crysta IVF Centre in Delhi . Dr. Nidhi completed her MBBS from Chaudhary Charan Singh University in 2007 and M.S. (Obstetrics and Gynaecology) from MUHS Nashik in 2012. She has also completed an ART Fellowship and FIAGE from Vasundhara Hospital & Fertility Research Centre, Jodhpur in 2016. She started her career as a senior resident in well-known medical colleges, including Baba Saheb Ambedkar Hospital, Rohini, and has since worked as an IVF consultant, handling complex cases of fertility-related problems with a high success rate. Furthermore, Dr. Nidhi has participated in multiple paper and case presentations and has attended several conferences and CME programs. These include the CME on Hypertensive Disorders in Pregnancy organized by AMOGS in 2013, a paper presented at FERTIVISION in 2017, and the CME on Menopause organized by the National Association of Reproductive and Child Health of India & IMS in 2011. She has also presented posters in Fertivision Delhi in 2017. If you're facing any fertility issues and seeking expert consultation, Dr. Nidhi, known as the IVF Doctor in Delhi is an excellent choice for you. Her professional approach toward infertility problems and her ability to handle them effectively makes her the best in the field. She has earned a reputation for providing exemplary fertility solutions to aspiring couples.
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महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य (reproductive health) की सटीक जाँच के लिए मेडिकल तकनीक में कई आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हीं में से एक है ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (Transvaginal Ultrasound / TVS Test), जो महिला के आंतरिक प्रजनन अंगों जैसे गर्भाशय (uterus), अंडाशय (ovaries), और फैलोपियन ट्यूब्स (fallopian tubes) की स्पष्ट और विस्तृत छवि प्रदान करता है।
In this article
- 1ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड का परिचय और उद्देश्य (Introduction and Objective of Transvaginal Ultrasound)
- 2ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (TVS) क्या है? (Transvaginal Ultrasound kya hai / TVS Test meaning in Hindi)
- 3ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड कैसे किया जाता है? (TVS Test steps in Hindi)
- 4ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता कब होती है? (TVS Test uses in Hindi)
- 5ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड की कीमत क्या होती है? (Transvaginal Ultrasound cost in India)
- 6निष्कर्ष (Conclusion on Transvaginal Ultrasound)
- 7अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs on Transvaginal Ultrasound / TVS Test in Hindi)
- 7.1प्रश्न 1: ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड दर्दनाक होता है क्या? (Is Transvaginal Ultrasound painful)
- 7.2प्रश्न 2: TVS टेस्ट कब करवाना चाहिए? (When should TVS Test be done)
- 7.3प्रश्न 3: क्या ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड से गर्भावस्था की पुष्टि होती है? (Does Transvaginal Ultrasound confirm pregnancy)
- 7.4प्रश्न 4: TVS टेस्ट की लागत कितनी होती है? (TVS Test cost in India)
- 7.5प्रश्न 5: Crysta IVF में TVS टेस्ट क्यों करवाना चाहिए? (Why choose Crysta IVF for TVS Test)
- 7.6प्रश्न 6: क्या TVS टेस्ट सभी उम्र की महिलाओं के लिए सुरक्षित है? (Is Transvaginal Ultrasound safe for all women)
- 7.7प्रश्न 7: क्या ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड से कोई साइड इफेक्ट होते हैं? (Does Transvaginal Ultrasound have side effects)
यह टेस्ट विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए उपयोगी है जिन्हें गर्भधारण (pregnancy) में कठिनाई हो रही हो, मासिक धर्म (menstrual cycle) में अनियमितता हो, या श्रोणि क्षेत्र (pelvic area) में दर्द और असामान्य रक्तस्राव जैसी समस्याएँ हों। Transvaginal ultrasound को एक सुरक्षित, बिना दर्द और प्रभावी डायग्नोस्टिक प्रक्रिया माना जाता है, जो डॉक्टरों को सही इलाज की दिशा तय करने में मदद करती है।
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ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड का परिचय और उद्देश्य (Introduction and Objective of Transvaginal Ultrasound)
ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (Transvaginal Ultrasound) एक इंटरनल सोनोग्राफी (internal sonography) होती है, जो महिला के जननांगों (female reproductive organs) की आंतरिक संरचना और स्वास्थ्य का मूल्यांकन करने के लिए की जाती है। यह जाँच पेट के ऊपर से की जाने वाली सामान्य अल्ट्रासाउंड (abdominal ultrasound) से अधिक सटीक मानी जाती है क्योंकि इसमें एक पतला प्रोब (ultrasound probe) योनि (vagina) के अंदर डाला जाता है, जिससे गर्भाशय (uterus) और अंडाशय (ovaries) के नज़दीकी दृश्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
इस जांच का उद्देश्य केवल यह देखना नहीं है कि कोई बीमारी (disease) है या नहीं, बल्कि यह भी समझना है कि महिला का प्रजनन तंत्र (reproductive system) किस अवस्था में है। टीवीएस टेस्ट (TVS test for infertility) उन महिलाओं के लिए आवश्यक हो सकता है जो बार-बार गर्भपात (miscarriage) का सामना कर चुकी हैं, या जिनमें फर्टिलिटी की समस्या (fertility issues) की आशंका है। इसके अतिरिक्त, यह एंडोमेट्रियल थिकनेस (endometrial thickness), ओव्यूलेशन मॉनिटरिंग (ovulation monitoring), सिस्ट्स (cysts), फाइब्रॉइड्स (fibroids) और गर्भाशय की असमानताएँ (uterine abnormalities) की पहचान में भी सहायता करता है। आईवीएफ (IVF) या आईयूआई (IUI) जैसी प्रक्रियाओं से पहले भी टीवीएस अल्ट्रासाउंड (TVS ultrasound) एक मानक जांच के रूप में की जाती है ताकि गर्भधारण (conception) की संभावना बढ़ाई जा सके।
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ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (TVS) क्या है? (Transvaginal Ultrasound kya hai / TVS Test meaning in Hindi)
ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (Transvaginal Ultrasound) एक प्रकार की pelvic ultrasound है जिसमें उच्च-आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगों (high-frequency sound waves) का उपयोग करके महिला के प्रजनन अंगों की आंतरिक छवियाँ (internal images) बनाई जाती हैं। “Transvaginal” शब्द का अर्थ है “योनि के माध्यम से” यानी इस प्रक्रिया में अल्ट्रासाउंड प्रोब योनि के अंदर डाला जाता है।
इससे डॉक्टर गर्भाशय, अंडाशय, और फैलोपियन ट्यूब्स की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण कर सकते हैं। Transvaginal ultrasound procedure की मदद से uterine fibroids, ovarian cysts, ectopic pregnancy, या endometriosis जैसी स्थितियों का पता लगाया जा सकता है।
कई बार गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों में भी यह जाँच की जाती है ताकि भ्रूण (embryo) का विकास सही हो रहा है या नहीं, यह सुनिश्चित किया जा सके।
यह पूरी तरह सुरक्षित (safe) और दर्दरहित (painless) प्रक्रिया है। कुछ महिलाओं को शुरुआत में हल्की असहजता महसूस हो सकती है, लेकिन यह अस्थायी होती है। भारत में Transvaginal Ultrasound cost in India क्लिनिक और शहर के अनुसार बदल सकती है, सामान्यतः यह ₹800 से ₹2000 तक होती है।
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ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड कैसे किया जाता है? (TVS Test steps in Hindi)
ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (Transvaginal Ultrasound) की प्रक्रिया बेहद सरल और त्वरित होती है। परीक्षण से पहले, मरीज से कहा जाता है कि वह अपनी मूत्राशय (urinary bladder) को खाली कर लें, क्योंकि यह जाँच खाली मूत्राशय में ही की जाती है ताकि छवियाँ स्पष्ट दिखाई दें।
एक प्रशिक्षित सोनोग्राफर (sonographer) या स्त्री रोग विशेषज्ञ (gynecologist) अल्ट्रासाउंड प्रोब (ultrasound probe) को एक डिस्पोजेबल कवर (protective sheath) से ढककर उस पर एक विशेष जैल (gel) लगाते हैं। इसके बाद प्रोब को धीरे-धीरे योनि (vagina) में डाला जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान ध्वनि तरंगें (sound waves) गर्भाशय (uterus) और अंडाशय (ovaries) से टकराकर कंप्यूटर स्क्रीन (computer screen) पर आंतरिक छवियाँ बनाती हैं। पूरी जांच आमतौर पर 10–15 मिनट में पूरी हो जाती है। ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड फॉर इंफर्टिलिटी (Transvaginal Ultrasound for infertility) में यह जांच यह पता लगाने के लिए भी की जाती है कि अंडोत्सर्जन (ovulation) कब हो रहा है या गर्भाशय की परत (endometrial lining) गर्भधारण (conception) के लिए तैयार है या नहीं।
Crysta IVF जैसी प्रतिष्ठित क्लीनिकों में यह जांच अत्याधुनिक उपकरणों (advanced equipment) और उच्च-गुणवत्ता वाले ट्रांसड्यूसर (high-resolution transducer) से की जाती है ताकि परिणाम अधिक सटीक और विश्वसनीय हों।
यह जांच केवल बांझपन (infertility) की वजह जानने के लिए ही नहीं, बल्कि गर्भाशय में फाइब्रॉइड्स (fibroids), सिस्ट्स (cysts), या एंडोमेट्रियल विकारों (endometrial disorders) की पहचान के लिए भी उपयोगी होती है। कुछ मामलों में डॉक्टर इस प्रक्रिया के दौरान ब्लड फ्लो (blood flow) और फॉलिकल विकास (follicular development) का मूल्यांकन भी करते हैं, ताकि भविष्य की फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स (fertility treatments) जैसे IVF (In Vitro Fertilization) या IUI (Intrauterine Insemination) की योजना बनाई जा सके।
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Crysta IVF में हर मरीज को जांच के दौरान गोपनीयता (privacy) और सुविधा (comfort) प्रदान की जाती है। यहाँ के विशेषज्ञ यह सुनिश्चित करते हैं कि पूरी प्रक्रिया बिना दर्द (painless) और तनाव (stress-free) के पूरी हो, जिससे महिलाओं को मेडिकल जांच के प्रति भरोसा और सहजता महसूस हो।
ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड की आवश्यकता कब होती है? (TVS Test uses in Hindi)
ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (Transvaginal Ultrasound) हर महिला के लिए ज़रूरी नहीं होता, परंतु कुछ स्थितियों में डॉक्टर इसकी सलाह देते हैं। यह जांच महिला के प्रजनन तंत्र (reproductive system) से जुड़ी किसी समस्या या असामान्यता का पता लगाने में मदद करती है।
डॉक्टर यह जांच निम्न स्थितियों में करने की सलाह देते हैं:
- जब महिला को बार-बार मासिक धर्म में अनियमितता (irregular periods) होती हो
- श्रोणि क्षेत्र (pelvic area) में दर्द, भारीपन या सूजन महसूस होती हो
- गर्भधारण में कठिनाई (difficulty in conceiving) हो या गर्भधारण में देरी हो
- असामान्य रक्तस्राव (abnormal bleeding) या स्पॉटिंग की शिकायत हो
- प्रारंभिक गर्भावस्था (early pregnancy) की स्थिति या भ्रूण की पुष्टि करनी हो
- बार-बार गर्भपात (recurrent miscarriage) या गर्भनाल (placenta) से संबंधित जटिलताएँ हों
- फाइब्रॉइड्स (fibroids), एंडोमेट्रियोसिस (endometriosis), या ओवेरियन सिस्ट्स (ovarian cysts) की आशंका हो
इस जांच का उद्देश्य:
- गर्भाशय (uterus) और अंडाशय (ovaries) की संरचना व स्थिति की जाँच करना
- एंडोमेट्रियल थिकनेस (endometrial thickness) को मापना
- ओव्यूलेशन (ovulation) की निगरानी करना ताकि गर्भधारण की संभावना आंकी जा सके
- ट्यूबल ब्लॉकेज (tubal blockage) या पेल्विक इंफ्लेमेशन (pelvic inflammation) जैसी स्थितियों की पहचान करना
Crysta IVF जैसी प्रतिष्ठित फर्टिलिटी क्लीनिक (fertility clinics) में यह जांच अत्याधुनिक मशीनों और अनुभवी विशेषज्ञों की देखरेख में की जाती है। यहाँ डॉक्टर TVS टेस्ट की सलाह तब देते हैं जब —
- महिला को लंबे समय से फर्टिलिटी इश्यूज़ (fertility issues) हों
- गर्भधारण में लगातार असफलता हो
- या भविष्य की फर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स (fertility treatments) जैसे IUI (Intrauterine Insemination) या IVF (In Vitro Fertilization) की योजना बनाई जा रही हो
TVS टेस्ट (TVS test in Hindi) के परिणामों से डॉक्टर यह तय कर सकते हैं कि कौन-सा उपचार सबसे प्रभावी रहेगा। इसलिए, यदि आप लंबे समय से गर्भधारण का प्रयास कर रही हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही है, तो यह जांच कराना एक समझदारी भरा और आवश्यक कदम हो सकता है।
ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड की कीमत क्या होती है? (Transvaginal Ultrasound cost in India)
भारत में ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (Transvaginal Ultrasound) की कीमत कई कारकों पर निर्भर करती है — जैसे शहर (city), क्लीनिक (clinic), उपकरणों की गुणवत्ता (equipment quality) और डॉक्टर की विशेषज्ञता (doctor’s expertise)। सामान्यतः यह जांच ₹800 से ₹2000 तक की होती है, जबकि बड़े शहरों जैसे दिल्ली (Delhi) में यह लागत थोड़ी अधिक हो सकती है।
ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड टेस्ट कॉस्ट (Transvaginal Ultrasound test cost in India) में यह अंतर इसलिए होता है क्योंकि प्रत्येक क्लीनिक में उपयोग की जाने वाली अल्ट्रासाउंड मशीनें (ultrasound machines) और रिपोर्टिंग प्रक्रिया अलग होती है। कुछ क्लीनिकों में यह जांच केवल बेसिक स्तर पर की जाती है, जबकि कुछ में हाई-रेज़ोल्यूशन अल्ट्रासाउंड (high-resolution ultrasound) और एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेक्नोलॉजी (advanced diagnostic technology) का उपयोग किया जाता है ताकि परिणाम अधिक सटीक मिल सकें।
यदि आप TVS test in Delhi या fertility scan in Lucknow करवाना चाहती हैं, तो सलाह दी जाती है कि आप ऐसे केंद्र का चयन करें जहाँ अनुभवी गायनोकॉलजिस्ट (gynecologist) और प्रशिक्षित सोनोग्राफर (sonographer) मौजूद हों। इससे जांच के परिणाम अधिक विश्वसनीय मिलते हैं और किसी संभावित प्रजनन समस्या (fertility issue) की सही पहचान हो पाती है।
Crysta IVF Clinic जैसे प्रतिष्ठित स्वास्थ्य केंद्रों में यह जांच उचित मूल्य (affordable price) पर की जाती है, जहाँ गुणवत्ता, गोपनीयता (privacy), और महिला की सहजता (comfort) का विशेष ध्यान रखा जाता है। यहाँ विशेषज्ञ डॉक्टर न केवल जांच करते हैं बल्कि रिपोर्ट की सटीक व्याख्या (interpretation) कर अगला कदम सुझाते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion on Transvaginal Ultrasound)
ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड (Transvaginal Ultrasound / TVS Test) महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य (reproductive health) की एक महत्वपूर्ण जांच है। यह सुरक्षित (safe), तेज़ (quick), और विश्वसनीय (reliable) डायग्नोस्टिक तकनीक है, जो गर्भाशय (uterus) और अंडाशय (ovaries) की गहराई तक सटीक जानकारी प्रदान करती है।
IVF (In Vitro Fertilization), IUI (Intrauterine Insemination) या किसी भी फर्टिलिटी ट्रीटमेंट (fertility treatment) की शुरुआत से पहले यह जांच आवश्यक मानी जाती है ताकि डॉक्टर को महिला के प्रजनन तंत्र (reproductive system) की वास्तविक स्थिति का पता चल सके।
यदि आप किसी समस्या जैसे अनियमित पीरियड्स (irregular periods), गर्भधारण में कठिनाई (difficulty in conceiving) या बार-बार गर्भपात (recurrent miscarriage) का सामना कर रही हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर यह जांच अवश्य कराएं।
Crysta IVF Clinic in Patna जैसे भरोसेमंद केंद्रों पर यह टेस्ट उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों (high-quality equipment) से किया जाता है, जहाँ परिणामों की सटीकता (accuracy) और मरीज की गोपनीयता (privacy) दोनों का ध्यान रखा जाता है।
यह जांच न केवल निदान (diagnosis) का माध्यम है, बल्कि महिलाओं के समग्र स्वास्थ्य (overall health) और भविष्य की प्रजनन योजनाओं (fertility planning) को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs on Transvaginal Ultrasound / TVS Test in Hindi)
प्रश्न 1: ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड दर्दनाक होता है क्या? (Is Transvaginal Ultrasound painful)
नहीं, यह प्रक्रिया आमतौर पर बिना दर्द (painless procedure) की होती है। कुछ महिलाओं को शुरुआती चरण में हल्की असहजता (discomfort) महसूस हो सकती है, लेकिन यह केवल कुछ सेकंड के लिए होती है। अल्ट्रासाउंड प्रोब (ultrasound probe) पतला और चिकना होता है, जिसे विशेष जेल (gel) के साथ डाला जाता है ताकि किसी प्रकार की तकलीफ न हो। प्रशिक्षित सोनोग्राफर (sonographer) द्वारा यह प्रक्रिया सुरक्षित रूप से की जाती है।
प्रश्न 2: TVS टेस्ट कब करवाना चाहिए? (When should TVS Test be done)
यह जांच आमतौर पर मासिक धर्म चक्र (menstrual cycle) के शुरुआती दिनों में या डॉक्टर की सलाह के अनुसार कराई जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय गर्भाशय की परत (endometrial lining) पतली होती है, जिससे छवियाँ अधिक स्पष्ट दिखाई देती हैं। फर्टिलिटी उपचारों (fertility treatments) जैसे IVF (In Vitro Fertilization) या IUI (Intrauterine Insemination) से पहले भी डॉक्टर यह जांच करवाने की सलाह देते हैं ताकि ओव्यूलेशन (ovulation) और अंडाशय (ovaries) की स्थिति का मूल्यांकन किया जा सके।
प्रश्न 3: क्या ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड से गर्भावस्था की पुष्टि होती है? (Does Transvaginal Ultrasound confirm pregnancy)
हाँ, शुरुआती गर्भावस्था (early pregnancy) में यह जांच अत्यंत उपयोगी होती है। TVS टेस्ट (TVS test for pregnancy) से डॉक्टर भ्रूण (embryo) की स्थिति, उसकी उम्र (gestational age), और हृदय गति (heartbeat) की जाँच कर सकते हैं। यह परीक्षण प्रारंभिक गर्भावस्था में गर्भ के सही स्थान (intrauterine pregnancy) की पुष्टि करने के लिए सबसे विश्वसनीय विधि मानी जाती है।
प्रश्न 4: TVS टेस्ट की लागत कितनी होती है? (TVS Test cost in India)
भारत में TVS टेस्ट (TVS test cost in India) की औसत कीमत ₹800 से ₹2000 के बीच होती है। यह दर शहर (city), क्लीनिक (clinic) और उपकरणों की गुणवत्ता (equipment quality) पर निर्भर करती है। Crysta IVF Clinic में यह जांच उचित मूल्य (affordable price) पर की जाती है और यहाँ आधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें (ultrasound machines) तथा प्रशिक्षित गायनोकॉलजिस्ट (gynecologists) उपलब्ध हैं।
प्रश्न 5: Crysta IVF में TVS टेस्ट क्यों करवाना चाहिए? (Why choose Crysta IVF for TVS Test)
क्योंकि यहाँ अनुभवी फर्टिलिटी विशेषज्ञ (fertility specialists) द्वारा जांच की जाती है, जो महिला की सुविधा (comfort) और गोपनीयता (privacy) दोनों का ध्यान रखते हैं। Crysta IVF में हाई-रेज़ोल्यूशन सोनोग्राफी (high-resolution sonography) और एडवांस्ड डायग्नोस्टिक सिस्टम (advanced diagnostic system) का उपयोग किया जाता है। साथ ही प्रत्येक मरीज को जांच के बाद व्यक्तिगत परामर्श (personalized consultation) भी दिया जाता है।
प्रश्न 6: क्या TVS टेस्ट सभी उम्र की महिलाओं के लिए सुरक्षित है? (Is Transvaginal Ultrasound safe for all women)
हाँ, यह जांच पूरी तरह से सुरक्षित (completely safe) है। अविवाहित महिलाओं (unmarried women) के लिए सामान्यतः इस टेस्ट की सलाह नहीं दी जाती, जब तक कि कोई चिकित्सीय आवश्यकता (medical necessity) न हो। विवाहित या गर्भधारण की योजना बना रही महिलाओं (women planning pregnancy) के लिए यह जांच सुरक्षित, दर्दरहित और प्रभावी होती है।
प्रश्न 7: क्या ट्रांसवेजाइनल अल्ट्रासाउंड से कोई साइड इफेक्ट होते हैं? (Does Transvaginal Ultrasound have side effects)
नहीं, इस जांच से किसी प्रकार का साइड इफेक्ट (side effect) नहीं होता। बहुत ही कम मामलों में प्रक्रिया के बाद हल्की सूजन (mild swelling) या रक्तस्राव (spotting) देखा जा सकता है, जो कुछ घंटों में अपने आप ठीक हो जाता है। यदि लंबे समय तक असुविधा बनी रहती है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
Disclaimer
As per the "PCPNDT" (Regulation and Prevention of Misuse) Act, 1994, Gender Selection and Determination is strictly prohibited and is a criminal offense. Our centers strictly do not determine the sex of the fetus. The content is for informational and educational purposes only. Treatment of patients varies based on his/her medical condition. Always consult with your doctor for any treatment.
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