आईवीएफ उपचार में इन गलतियों से बचें

Avoid These Mistakes During IVF Treatment

देश में इनफर्टिलिटी के आंकड़े एवं निसंतान दंपतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इनफर्टिलिटी की समस्या को झेल रहे लोगों के लिए (IVF technique) आईवीएफ प्रक्रिया का विकल्प काफी लाभकारी सिद्ध हुआ है। यह ट्रीटमेंट आमतौर पर पॉजिटिव रिजल्ट ही देता है, यही कारण है कि लोगों के बीच में यह काफी मशहूर हो गया है। आज के समय में अधिकतर ऐसे दंपति जो माता-पिता नहीं बन पा रहे हैं इसलिए इस ट्रीटमेंट को तेजी से अपना रहे हैं। आईवीएफ ट्रीटमेंट लेने वाली अधिकतर हर महिला यही चाहती है कि वह पहली साइकिल में ही गर्भवती हो जाए। इस ट्रीटमेंट में एक महिला को कई स्टेज से गुजारना पड़ता है और अगर यह सफल नहीं हो पाता है तो महिला को इन सभी स्टेज से दोबारा से गुजरना पड़ता है।


तो आइए अब यह जानने की कोशिश करें कि हमें आईवीएफ के उपचार में किन गलतियों से बचना चाहिए और कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए:

वजन ना उठाएं (Don't Lift Weight)

स्पेशलिस्ट का मानना है कि जिस महिला का आईवीएफ ट्रीटमेंट चल रहा हो उन्हें किसी भी हालत में भारी वजन नहीं उठाना चाहिए। अगर महिला भारी वजन उठाती है तो उनके पेट की मांसपेशियों पर काफी दबाव पड़ता है जिससे आईवीएफ की प्रक्रिया पर काफी गहरा असर पड़ सकता है। यही कारण है कि महिलाओं को ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार का शारीरिक परिश्रम नहीं करने की हिदायत दी जाती है।

कठिन व्यायाम ना करें (don't Exercise Hard)

आईवीएफ ट्रीटमेंट कराने के बाद महिलाओं को किसी भी तरह के कठिन शारीरिक व्यायाम से दूरी बनाए रखनी चाहिए। अगर कोई महिला अपने आप को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखना चाहती है तो कठिन व्यायाम करने की जगह वह टहल सकती हैं या फिर मेडिटेशन भी कर सकती है।

प्रोजेस्टेरोन का सेवन करें (take progesterone)

गर्भावस्था के समय एक महिला के लिए यह बेहद जरूरी हो जाता है कि प्रोजेस्टेरोन का लगातार सेवन करती रहे। ऐसा करने से उनके शरीर में प्रोजेस्टेरोन सही मात्र में बना रहेगा एवं उन्हें गर्भावस्था बनाए रखने में भी काफी मदद मिलेगी। आईवीएफ ट्रीटमेंट देने के बाद डॉक्टर इंजेक्शन की सहायता से एक महिला को कृत्रिम प्रोजेस्टेरोन देते हैं।

डॉक्टर की सलाह मानें (follow doctor's advice)

अगर आपने आईवीएफ ट्रीटमेंट लिया है तो यह बहुत जरूरी है कि आप डॉक्टर की सभी सलाह मानें। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपको गर्भधारण करने में काफी सहायता मिलेगी। (IVF Treatment) आईवीएफ ट्रीटमेंट लेने के दौरान ऐसा कई बार होता है जब महिलाओं को मानसिक तौर पर खुद से ही लड़ना पड़ता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह और उनके द्वारा दिए गए हौसले से ही महिलाओं को हिम्मत मिलती है।

अच्छे क्लीनिक का चुनाव करें (Choose the best clinic)

अगर आप आईवीएफ ट्रीटमेंट करवाना चाहती हैं और उसमें सफल होना चाहती हैं तो यह बेहद जरूरी है कि आप एक अच्छे क्लीनिक को चुनें। आईवीएफ ट्रीटमेंट के लिए बहुत ही आईवीएफ उन्नत तकनीक का उपयोग किया जाता है। ऐसे में यह बहुत जरूरी हो जाता है कि जिस क्लीनिक या फिर हेल्थ केयर सेंटर से आप ट्रीटमेंट ले रहे हैं उनके पास सभी आधुनिक तकनीकें मौजूद हों।

इन सब्जियों का करें सेवन (Eat these vegetables):

आईवीएफ तकनीक को सफल बनाने के लिए आपको अपने खान-पान का भी ध्यान रखना चाहिए। कई ऐसी सब्जियां और फल हैं जिनको खाने से आपके ट्रीटमेंट के सफल होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। तो चलिए हम कुछ ऐसे ही खाद्य पदार्थ के बारे में बात करते हैं:

हरी पत्तेदार सब्जियां (Leafy Green Vegetables)

यह सब्जियां एक महिला की प्रजनन क्षमता को काफी हद तक बढ़ा देती हैं और आयरन, फोलिक एसिड और एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं। गोभी कई विटामिन और खनिजों से भरी होती है। गोभी के अंदर मौजूद दीएंडोल मीथेन एस्ट्रोजन को काफी हद तक नियंत्रित करती है।

ब्रोकोली (Broccoli)

इस सब्जी में विटामिन बी जैसे जरूरी विटामिन होते हैं और ऐसे में यह शरीर में कोशिकाओं की वृद्धि करने में सहायता करती है। इसलिए शरीर में भ्रूण का बनना काफी आसान हो जाता है।

केला (Banana)

इसके अंदर प्रचुर मात्रा में विटामिन बी होता है और यह फल वास्तव में एक सुपरफूड होता है जिससे कि यह मेंस्ट्रूअल साइकिल को नियमित बनाए रखने में सहायता करता है। यह एक अच्छा स्नैक है।

अनानास (Pineapple)

इस फल में मैंगनीज काफी बड़ी मात्रा में होता है जिसे प्रजनन के लिए जरूरी माना जाता है। इसलिए यह फल हार्मोन की वृद्धि करने में सहायक होता है।

साल्मन (Salmon)

इस मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है जो इसे प्रेगनेंसी के लिए एक जरूरी खाना बना देता है। यह शरीर में एस्ट्रोजन का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है और रक्त के प्रवाह को भी बढ़ाती है। साल्मन को पका कर खाने से काफी फायदा होता है।

कॉम्प्लेक्स कार्ब्स (Complex Carbs)

यह ब्लड शुगर के लेवल को अच्छे से नियंत्रित करते हैं एवं स्वस्थ वजन बनाए रखने में सहायक होते हैं।

फोलिक एसिड (Folic Acid)

पपीता, खट्टे फल, संतरे, ब्रोकोली, बींस, किडनी बींस, काली मटर, दाल, पालक, फोलिक एसिड का अच्छा स्रोत होती है। यह खाद्य पदार्थ प्रोजेस्टेरोन के स्तर को बढ़ाते हैं।

अगर आप भी आईवीएफ उपचार कराने जा रही हैं और आप भी ऐसी कोई गलती नहीं करना चाहती हैं तो आपको क्रिस्टा आईवीएफ पर जाना चाहिए। इस हेल्थ केयर सेंटर में लैब, उन्नत मशीनें, अनुभवी (IVF Experts) आईवीएफ विशेषज्ञ मौजूद हैं जो आपको सफल आईवीएफ ट्रीटमेंट देने की गारंटी देते हैं। अभी तक 20,000 से ज्यादा लोगों ने यहां अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है जिससे यहां की सर्विस के बारे में काफी कुछ पता चलता है। यहाँ पर आपका ध्यान रखने वाले डॉक्टर यह भी बता देंगे कि आपको आईवीएफ उपचार के लिए कितने इंजेक्शन लेने की जरूरत होगी या आपको अगली सिटिंग के लिए किस दिन और कितनी बार आना है, जिससे आपके मन में किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं रहेगा।

Authored By:- Admin

Published on:- 23th Mar , 2022

DISCLAIMER : The blog content has been posted as a piece of information and awareness only. The content provided in this blog, or in any linked materials, are not proposed and should not be taken as medical advice. Crysta IVF strongly recommends users to consult with their health care providers to make any medical or health-related decision.

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